रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजे: रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद शेयरों में गिरावट, रिटेल और ऑयल बिजनेस ने किया निराश

रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजे: रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद शेयरों में गिरावट, रिटेल और ऑयल बिजनेस ने किया निराश

सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 3.6% तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि कंपनी ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा दर्ज किया। कमजोर परिचालन प्रदर्शन और मुख्य व्यापार क्षेत्रों—रिटेल और ऑयल-टू-केमिकल्स—में उम्मीद से कम ग्रोथ ने निवेशकों को मायूस किया।

शेयर Rs 1,428 के स्तर पर बंद हुए, जिससे कंपनी का मार्केट कैप करीब Rs 70,000 करोड़ घट गया।

✅ रिकॉर्ड मुनाफा लेकिन एकमुश्त लाभ का असर

कंपनी का शुद्ध लाभ अप्रैल-जून तिमाही में 78% बढ़कर Rs 26,994 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में Rs 15,138 करोड़ था। हालांकि, इस तिमाही के मुनाफे में Rs 8,924 करोड़ की एकमुश्त आमदनी शामिल है, जो एशियन पेंट्स में हिस्सेदारी बेचने से मिली।

⚙️ परिचालन प्रदर्शन ने किया निराश

एनालिस्ट्स ने कहा कि कंपनी का मुख्य ऑपरेशनल प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा। इम्के (Emkay) ने रिपोर्ट किया कि EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और अमूर्त परिसंपत्तियों से पहले की कमाई) Rs 429 अरब रही, जो कि अनुमान से 5% कम थी।

जेफरीज (Jefferies) के अनुसार, रिटेल और ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार की आय दोनों ही अनुमान से क्रमशः 4% और 5% कम रहीं। एक विश्लेषक ने कहा, “इलेक्ट्रॉनिक्स कैटेगरी में बिक्री में गिरावट और मानसून की शुरुआत के चलते रिटेल ग्रोथ प्रभावित हुई।”

🛍️ रिटेल सेक्टर पर असर

रिलायंस रिटेल का राजस्व सालाना आधार पर 11.3% बढ़कर Rs 84,171 करोड़ रहा, लेकिन यह स्तर भी बाजार की अपेक्षाओं से कम था। कंपनी ने बताया कि इस तिमाही में मानसून जल्दी शुरू होने से कूलर और एसी जैसे इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की मांग घटी।

कंपनी ने इस तिमाही में 388 नए स्टोर खोले, जिससे कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 19,592 हो गई। रजिस्टर्ड ग्राहकों की संख्या बढ़कर 35.8 करोड़ हो गई है।

🛢️ ऑयल कारोबार को झटका

ऑयल-टू-केमिकल्स सेगमेंट का राजस्व 1.5% घटकर Rs 1.55 लाख करोड़ रहा। इसके पीछे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और जामनगर रिफाइनरी में रखरखाव के लिए हुए शटडाउन जिम्मेदार रहे। हालांकि डोमेस्टिक फ्यूल रिटेलिंग में बेहतर मार्जिन के चलते EBITDA में 11% की बढ़त देखने को मिली।

📶 टेलीकॉम बना राहत की किरण

जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) ने इस तिमाही में 99 लाख नए उपभोक्ता जोड़े और कुल उपभोक्ताओं की संख्या 49.81 करोड़ पहुंच गई। प्रति उपभोक्ता औसत राजस्व (ARPU) में साल-दर-साल 15% की बढ़ोतरी हुई, और टेलीकॉम सेगमेंट का EBITDA 24% बढ़कर Rs 18,135 करोड़ रहा।

📊 ब्रोकरेज नजर

मिश्रित तिमाही परिणामों के बावजूद, अधिकांश ब्रोकरेज ने स्टॉक पर “Buy” रेटिंग बरकरार रखी है। औसतन टारगेट प्राइस Rs 1,640 दिया गया है, जो वर्तमान स्तर से लगभग 15% की संभावित बढ़त दर्शाता है।

निष्कर्ष:
रिलायंस ने रिकॉर्ड प्रॉफिट दर्ज करने के बावजूद परिचालन स्तर पर जिस तरह निराश किया, उसने बाजार को खटकाया है। निवेशकों की नजर अब आने वाली तिमाहियों में रिटेल और ऑयल सेगमेंट में सुधार पर टिकी रहेगी।

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