
आज IEX में क्या हुआ?
भारत की प्रमुख पावर ट्रेडिंग कंपनी इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) के निवेशकों के लिए 24 जुलाई 2025 काला दिन साबित हुआ। IEX के शेयरों में आज 30% तक की भारी गिरावट आई और शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर ₹131 तक फिसल गए। लाखों रिटेल निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए और कंपनी के मार्केट कैप से ₹4,600 करोड़ की भारी रकम एक दिन में उड़ गई।
गिरावट की वजह: मार्केट कपलिंग
IEX के शेयर आज इतनी तेजी से इसलिए गिरे क्योंकि सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) ने “मार्केट कपलिंग” के नए नियमों को मंजूरी दे दी है, जो जनवरी 2026 से लागू होंगे। इन नियमों के तहत सभी पावर एक्सचेंजों की खरीद-बिक्री बोलियों को एक केंद्रीय प्लेटफ़ॉर्म पर जोड़कर एक समान कीमत (Uniform Market Clearing Price) तय की जाएगी—यानी अब सभी एक्सचेंज पर बिजली एक ही दाम पर बिकेगी, जिससे IEX की स्वतंत्र प्राइस डिस्कवरी और उसका बाजार में प्रभुत्व कम हो जाएगा।
इस फैसले के कारण निवेशकों को डर है कि IEX की बाजार हिस्सेदारी और मुनाफा दोनों घट सकते हैं, इसलिए भारी बिकवाली शुरू हो गई और शेयर में लगभग 28–30% तक गिरावट आ गई। इसके अलावा, लगातार बिकवाली और निवेशकों के बीच डर के चलते कंपनी का मार्केट कैप भी एक दिन में लगभग ₹4,600–5,000 करोड़ तक घट गया है।
कुल मिलाकर,
- CERC के मार्केट कपलिंग नियम लागू होने की घोषणा
- IEX के बाजार प्रभुत्व के टूटने की आशंका
- और निवेशकों की घबराहट व भारी बिकवाली
—इसी वजह से IEX के शेयर आज इतनी तेजी से गिरे हैं
मार्केट कपलिंग क्या है?
- अब तक IEX पर कीमतों की खोज (प्राइस डिस्कवरी) स्वतंत्र रूप से होती थी।
- “मार्केट कपलिंग” के तहत सभी पावर एक्सचेंजों की खरीदी-बिक्री बोलियों को एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर जोड़ा जाएगा।
- सभी प्लेटफार्म पर बिजली के लिए एक समान कीमत तय होगी—जिससे सभी एक्सचेंजों पर बिजली समान रेट पर बिकेगी।
IEX को कैसे नुकसान?
- अब कारोबार का फोकस एक्सचेंज से हटकर सेंट्रल क्लियरिंग पर शिफ्ट हो जाएगा।
- IEX की बाजार में “मोनोपॉली” जैसे हालात खत्म होंगे और मार्केट शेयर में जबरदस्त गिरावट की आशंका है।
निवेशकों और विशेषज्ञों की राय
- गिरावट के बावजूद कुछ ब्रोकरेज फर्म ‘वेट एंड वॉच’ की सलाह दे रही हैं।
- टेक्निकल एनालिस्ट्स के मुताबिक, IEX स्टॉक का ₹120–₹140 रेंज सपोर्ट के तौर पर देखना चाहिए। किसी रिवर्सल के लिए कीमत का स्थिर होना जरूरी है।
- मार्केट में ओवरसोल्ड कंडीशन बताई जा रही है, लेकिन अभी खरीदारी से बचने की सलाह विशेषज्ञ दे रहे हैं।
रिटेल निवेशकों का नुकसान
- IEX में 13.6 लाख रिटेल निवेशकों ने कुल शेयरहोल्डिंग का 31% हिस्सा रखा था।
- आज के क्रैश से रिटेल निवेशकों के ₹1,450 करोड़ एक ही दिन में डूब गए।
- LIC के पास भी कंपनी की करीब 4% हिस्सेदारी है।
